ये दिल है मेरा या है, इक यादों की अलमारी इस अलमारी में रक्खी हैं मैंने अपनी ये दुनिया सारी इक फटी पुरानी जींस और टीशर्ट बीटल्स वाली एक, चिउंगम थी जिसकी घंटो तक चलती ही रहती थी, हाय जुगाली | इक वालेट है लेदर का जिसमें रहती थी कंगाली इक वालेट है लेदर काContinue reading “यादों की अलमारी..”
Author Archives: Mihir
अजीब दास्तां है ये..
अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां ख़त्म.. ये मंजिलें हैं कौन सी, ना वह समझ सके ना हम | ये रोशनी के साथ क्यूं, धुआं उठा चिराग से.. ये ख्वाब देखती हूं मैं कि जग पढ़ी हूं ख्वाब से | मुबारकें तुम्हें कि तुम, किसी के नूर हो गए.. किसी के इतने पास होContinue reading “अजीब दास्तां है ये..”
The Journey Begins
Thanks for joining me! Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton