यादों की अलमारी..

यादों की अलमारी..

ये दिल है मेरा या है,

इक यादों की अलमारी

इस अलमारी में रक्खी हैं मैंने

अपनी ये दुनिया सारी

इक फटी पुरानी जींस

और टीशर्ट बीटल्स वाली

एक, चिउंगम थी जिसकी घंटो तक

चलती ही रहती थी, हाय जुगाली |

इक वालेट है लेदर का

जिसमें रहती थी कंगाली

इक वालेट है लेदर का

जिसमें रहती थी कंगाली..

एक भूला बिसरा गाना

लाखों है निगाह में

जिंदगी की राह में

सनम हंसीं जवां

एक भूला बिसरा गाना

और एक बीयर

वह भी उधारी वाली.. |

ये दिल है मेरा या है,

इक यादों की अलमारी

इस अलमारी में रक्खी हैं मैंने

अपनी ये दुनिया सारी

एक रफ कॉपी का पन्ना

जिसमें तुमने लिखा था प्यार

जिसे तकिए के नीचे रख के

मैंने पढ़ा था बारंबार

आंसू और मुस्काने

कुछ मीठी और कुछ खारी

हर खुशी की खातिर थैंक्यू

हर गम के खातिर सॉरी

इस अलमारी की चाबी का छल्ला

है तेरी मेरी यारी..|

अजीब दास्तां है ये..

अजीब दास्तां है ये, कहां शुरू कहां ख़त्म..

ये मंजिलें हैं कौन सी, ना वह समझ सके ना हम |

ये रोशनी के साथ क्यूं, धुआं उठा चिराग से..

ये ख्वाब देखती हूं मैं कि जग पढ़ी हूं ख्वाब से |

मुबारकें तुम्हें कि तुम, किसी के नूर हो गए..

किसी के इतने पास हो कि सबसे दूर हो गए |

किसी का प्यार लेकर तुम, नया जहां बसाओगे..

ये शाम जब भी आएगी, तुम हमको याद आओगे |


Additional information :-

गीतकार:- शैलेंद्र, गायक :- लता मंगेशकर, संगीतकार :- शंकर जयकिशन, फिल्म :- दिल अपना और प्रीत पराई (1960)

Submitted by Mihir.


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